अधूरी मोहब्बत की दर्द भरी दास्तान – एक अधूरी प्रेम कहानी


पर कहते हैं ना जो भगवान चाहे वही होता है संजना के साथ भी कुछ ऐसा ही होने वाला था रोज की तरह वह अपने कॉलेज जा रही थी तभी उसे कॉलेज के रास्ते में एक लड़का खड़ा हुआ दिखाई दिया संजना ने सोचा कि शायद ऐसे ही खड़ा है लेकिन दूसरे दिन भी संजना को वह लड़का वहीं पर दिखाई दिया संजना एक हफ्ते तक उसे लड़के को नजर अंदाज करती रही फिर हर कर वह लड़के के पास गई और बोली क्या बात है मैं तुम्हें रोज इस रास्ते से जाते हुए देखती हूं कि तुम यही खड़े हुए दिखाई देते हो तुम किस लिए यहां पर रोज खड़े हो जाते हो मुझे तो शक है कि तुम मेरे लिए ही रोज यहां पर खड़े होते हो इस पर उसे लड़के ने कहा यह आपका शक नहीं है यह सच्चाई है कि मैं रोज इस रास्ते पर यहां पर आपका इंतजार करता हूं संजना ने कहा मेरा इंतजार क्यों करते हो रोज कोई तो वजह होगी इस पर उसे लड़के ने कहा कि अगर कोई लड़का रोज किसी लड़की को देखा है और उसका इंतजार करता है तो इसका मतलब तो सिर्फ एक ही होता है संजना बोली तुम्हारा क्या मतलब है तुम क्या बात बोल रहे हो मुझे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है इस पर उस लड़के ने कहा तुम जरूर से ज्यादा ही बोली हो कोई बात नहीं मैं ही बता देता हू

इसीलिए संजना की मां हमेशा संजना से कहा कर दी थी कि देखो अब तुम अकेली ही बाहर आती जाती हो हमें नहीं पता कि तुम बाहर क्या करती हो क्या नहीं करती हो जो तुम बताती हो हम उसी को ही सच मानते हैं इसीलिए बाहर कोई भी ऐसा काम मत करना जिससे भविष्य में हमारी नज़रें नीची हो जाए इसके जवाब में संजना अपनी मां से कहती थी की मां अपनी बेटी पर पूरा विश्वास रखो मैं कोई भी ऐसा काम नहीं करूंगी जिससे कभी भी आपको इस दुनिया के आगे शर्मिंदा होना पड़े संजना के मुंह से ऐसी बातें सुनकर संजना की मां का विश्वास संजना पर और भी अधिक बढ़ रहा था।

 संजना 18 साल की एक सीधी-साधी लड़की थी वह पढ़ने के लिए कॉलेज जाती थी और कॉलेज से  अपने घर आई थी कहीं भी जाना होता तो घर पर बता कर जाती थी वह एक मिडिल क्लास फैमिली से थी इसलिए उसकी फैमिली में सब कुछ अनुशासित था।

 संजना ने कहा मुझे कुछ दिन और दो मैं तुम्हें अच्छे से सोच कर बताती हूं अब रोहित समझ गया था कि कहीं ना कहीं इसे भी मुझसे प्यार हो गया है इसीलिए रोहित ने संजना को अपना फोन नंबर देकर कहा तुम्हारा जब भी दिल करे मुझे फोन पर बात कर लेना और अपने मन की बात बता देना क्योंकि मैं नौकरी भी करता हूं तो आपसे मैं रोज-रोज तुम्हें यहां पर नहीं दिखाई दूंगा तो तुम्हारा जो भी जवाब हो मुझे इस नंबर पर बता देना संजना ने कहा ठीक है और संजना अपने कॉलेज की तरफ चली गई अब संजना कोई कोई रहने लगी थी उसका पहले जैसा पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था रह रहकर पता नहीं क्यों रोहित की जिम्मेदारियां का दुख संजना को हो रहा था कि इतनी सी उम्र में उसने कितनी जिम्मेदारी संभाल रखी है लेकिन अगर मुझे भी उस सच में प्यार हो गया और प्यार के बाद उसने मुझे धोखा दे दिया मुझसे शादी नहीं की तो मैं अपने घर वालों से क्या कहूंगी डर तो बहुत लग रहा है पर पता नहीं क्यों रोहित की बातों का असर भी मुझ पर खूब हो रहा है अब संजना पढ़ाई कम करती और रोहित के बारे में ज्यादा सोचती अब संजना रोहित से मिलने के लिए बेचैन हो रही थी पर उसे याद आया कि रोहित तो नौकरी करता है उसके पास इतना टाइम कहां होगा कि वह अब संजना से मिल सके फिर संजना को याद आता है कि रोहित ने उसे अपना नंबर भी तो दिया था और कहा था जब मन करे तब बात कर लेना पर संजना जल्दी रोहित से बात भी तो नहीं कर सकती थी घर के फोन से बात करती तो उसके पकड़े जाने का डर उसे और ज्यादा डरा देता था इसलिए वह कॉलेज आते जाते रास्ते में फोन की दुकान ढूंढने लगी जिससे कि वह इससे बात कर सके तीन दिन ढूंढने के बाद उसे एक दुकान मिल ही गई जो उसके घर से थोड़ी दूरी पर थी संजना ने पहली बार रोहित का नंबर मिलाया और उससे बात करनी चाहिए लेकिन संजना बात कर नहीं पाई उसने रोहित के हेलो कहते ही फोन काट दिया और वापस घर चली आई फिर उसने सोचा की मन तो बहुत करता है बात करने का पर पता नहीं क्यों मैं बात नहीं कर पाती दूसरे दिन उसने हिम्मत करके रोहित का नंबर डायल किया और बात करने की कोशिश की अब की बार संजना ने रोहित किया हाल-चाल पूछे और फोन रख दिया रोहित समझ गया था कि यह प्यार करती है लेकिन कहने से डरती है रोहित ने सोचा किया बाद फोन पर नहीं होगी मैं कल इसको कॉलेज के रास्ते पर मिलने जाऊंगा और आमने-सामने ही बात करूंगा।

लेकिन संजना की मां को पता नहीं था कि आज संजना अपने साथ एक कारण नाम के लड़के का खत लेकर भी आई है संजना ने दिनभर वह खत खोलकर नहीं देखा उसे डर था कहीं ऐसा ना हो मैं खाता पढ़ रही हूं और कोई कमरे में आ जाए मैं किसी से छुपा भी नहीं सकती और किसी को बता भी नहीं सकती कि यह क्या है इसलिए मैं इसको अभी नहीं पढ़ सकती देर रात जब सब सो जाएंगे मैं तब पढ़ूंगी संजना ने ऐसा ही किया देर रात को जब संजना के घर में सभी सो गए थे तब संजना ने अपने कमरे में वह खत खोला और पढ़ना शुरू किया उसमें लिखा था संजना तुम मेरी बातें पढ़कर नाराज मत होना मैंने इसमें जो कुछ भी लिखा है सब कुछ सच-सच लिखा है मैं भी तुम्हारी ही तरह एक मिडिल क्लास फैमिली से हूं और तुम्हारी ही उम्र की मेरी एक बहन भी है इसलिए मैं तुम्हारे साथ कोई धोखा करूंगा यह तुम बिल्कुल भी मत सोचा अगर तुम्हें मेरी बातों का विश्वास नहीं है तो यह मेरा घर का पता है जब मर्जी चाहे तब आ सकती हो और मेरे बारे में सब कुछ जान सकती हो मैं कोई आवारा लड़का नहीं हूं मेरे पिताजी नहीं है मेरे घर की मेरी बहन की मेरी मां की पूरी जिम्मेदारी मेरे ही ऊपर है मैं पढ़ाई भी करता हूं और अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए नौकरी भी करता हूं पता नहीं कैसे कैसे टाइम निकाल करमैं तुमसे मिलने आता हूं उसे दिन जब मैं तुम्हें मार्केट में देखा था तब मैं अपने दोस्तों के साथ था इसलिए तुमसे कोई भी बात नहीं कर पाया था और तुम भी शायद अपनी मां के साथ थी इसलिए मैं भी तुम्हारे पास नहीं आ सका था लेकिन उसके बाद मेरा दिल बहुत बेचैन था तुमसे दोबारा मिलने का बहुत मन कर रहा था जैसे तैसे करके मैं तुम्हारे बारे में पता निकला तो तुम्हारा कॉलेज का नाम पता चला उसके बाद से मैं रोज तुम्हारे कॉलेज के रास्ते में तुम्हारा इंतजार करता था सोचता था मेरे बिना कहे ही तुम सब कुछ समझ जाओगी लेकिन मुझे नहीं पता था कि तुम इतनी ज्यादा बोली हो कि जब तक मैं कुछ बताऊंगा नहीं तुम कुछ समझ नहीं पाओगी संजना में तुमसे सच में बहुत प्यार करता हूं और इस प्यार को मैं निभाऊंगा भी ऐसे नहीं है कि मैं तुमसे प्यार करूंगा और शादी किसी और से करूंगा समय आने पर शादी भी में तुम ही से करूंगा मेरी बात का विश्वास करो अगर इस खत को पढ़ने के बाद तुम्हारा भी दिल बेचैन हो जाए और मुझे दोबारा मिलने का मन करे तो समझ जाना की तुम भी मुझसे प्यार करने लगी हो और कल भी मैं तुम्हारे कॉलेज के रास्ते में खड़ा तुम्हारा इंतजार करूंगा बिना किसी रिचा के तो मेरे पासआ जाना और कल भी मैं तुम्हारे कॉलेज के रास्ते में खड़ा तुम्हारा इंतजार करूंगा बिना किसी झिझक के तुम मेरे पास आ जाना और अपना फैसला बता देना रात भर संजना कारण के बारे में ही सोचती रही एक पल को भी उसको नींद नहीं आई और सुबह जल्दी-जल्दी कॉलेज के लिए तैयार होने लगी समय से थोड़ा पहले ही तैयार हो गई उसकी मां की पूछने पर कहा कि मां आज मेरा घर पर मन नहीं लग रहा है सोच कॉलेज जल्दी चली जाऊं इसमें उसकी मां को कोई भी गलत बात नहीं लगी इसलिए उसकी मां ने समय से पहले संजना को कॉलेज जाने दिया रास्ते में संजना को अपने पिता अपने भाई और अपनी मां की अनुशासन वाली बातें याद आ रही थी लेकिन पता नहीं क्यों रोहित के खत को पढ़ने के बाद उसका डर जैसे कम हो गया और उसने सोचा कि आज वह रोहित से मुलाकात करेंगी और इस बारे में साफ-साफ बातचीत करेगी थोड़ी देर चलने पर उसे रोहित खड़ा दिखाई दिया वह डरती डरती रोहित के पास गई और रोहित से बोली मुझे तुमसे एक बात जाननी है इतनी जिम्मेदारी तुम्हारे कंधे पर है और तुम किसी लड़की के पीछे भाग रहे हो यह सब क्या तुम्हें सही लगता है अगर कोई लड़की तुम्हारी जिंदगी में अभी आ जाएगी तो तुम अपनी जिम्मेदारी कैसे निभा पाओगे इस पर रोहित ने कहा की प्यार की कोई उम्र नहीं होती और ना ही प्यार स्थिति देखकर होता है ऐसे ही मेरे साथ हुआ है बस में एक बात जानता हूं कि मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं अब यह बताओ तुम्हारा फैसला किया है अब संजना थोड़ा सोच में पड़ गई क्योंकि वह समझ नहीं पा रही थी कि रोहित की बातों का असर उसके दिल पर इतना क्यों हो रहा है वह तो प्यार के चक्कर में पढ़ना ही नहीं चाहती थी लेकिन फिर भी न जाने क्यों रोहित की बातों का असर बता रहा था कि संजना को भी रोहित से प्यार हो गया है।

फिर उसे लड़के ने कहा कि मेरा नाम रोहित है और मैं इसी शहर में रहता हूं कुछ दिन पहले मैंने तुम्हें सिटी मार्केट में देखा था तभी से मैं तुमसे प्यार कर बैठा हूं मैं ही जानता हूं किस तरह मैंने तुम्हारे बारे में थोड़ा वह तो पता किया और मुझे पता चला कि तुम्हारा कॉलेज जाने का रास्ता यही है इसलिए मैं इसी रास्ते के बीच में रख कर तुम्हारा रोज इंतजार करता था और सोचता था कि तुम रोज मुझे यहां खड़ा देखोगी तो शायद समझ जाओगी कि मैं तुमसे प्यार करता हूं और मेरे से बातचीत करने मेरे पास आओगी लेकिन मुझे क्या पता था कि तुम कुछ भी नहीं समझ पाओगी अब वह सब छोड़ो बस इतना जान लो कि मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं इतना कि अब मैं तुमसे बात किया बिना अपने दिल का हाल तुम्हें बताएं बिना नहीं रह सकता यह तो सुनकर संजना घबरा गई और उसने कहा देखो मैं नहीं जानती कि तुम कौन हो तुम क्या करते हो कहां रहते हो मुझे तुम्हारे बारे में कुछ नहीं पता और मैं तुम्हारी बताई बातों का विश्वास क्यों करूं आजकल लड़कियों के साथ बहुत कुछ होता है प्यार के नाम पर इसीलिए मैं प्यार शब्द से ही बहुत सावधान रहती हूं इसलिए इन सब बातों की उम्मीद मुझे छोड़ दो और मेरा पीछा करना भी छोड़ दो संजना के इतना कहने पर भी वह लड़का नहीं माना और उसने एक खत निकाल कर संजना के हाथ में जबरदस्ती पकड़ दिया और कहा की तुम बस एक बार इस खत को खोलकर पढ़ जरूर लेना फिर जो भी तुम्हारा फैसला होगा मैं उसे भगवान की मर्जी समझ कर स्वीकार कर लूंगा अगर तुम मुझे मना करोगी तो तुमसे कोई भी जबरदस्ती नहीं करूंगा और ना ही फिर कभी तुम्हें मैं इस रास्ते पर दिखाई दूंगा बस एक बार मेरा यह खत जरूर पढ़ लेना संजना का मन तो नहीं माना लेकिन फिर भी उसने वह खत ले लिया और कहां ठीक है मैं पढ़ लूंगी और तुम्हें जवाब दे दूंगी और संजना वहां से अपने कॉलेज चली गई और कॉलेज से सीधा घर आ गई लेकिन आज संजना कॉलेज में भी कुछ शांत थी और घर जाने के बाद भी बहुत बदली बदली सी लग रही थी उसकी मां ने सोचा शायद संजना की तबीयत ठीक नहीं है इसलिए उन्होंने संजना को जल्द खाना खिलाकर और अपने कमरे में जाकर आराम करने के लिए कहा।

 धीरे-धीरे करके उनका प्यार और गहरा होता चला गया और एक साल भी बीत गया और अब रोहित की एक बड़ी कंपनी में नौकरी भी लग चुकी थी जब यह खुशखबरी संजना ने सुनी तो वह बहुत खुश हुई और उसने कहा कि आप देर मत करो अब जल्दी से अपनी मां और अपनी बहन को लेकर मेरे घर आ जाओ मेरे रिश्ते की बात करने के लिए रोहित ने कहा ठीक है मैं आज शाम को ही अपनी मां और बहन से बात करता हूं तुम बिल्कुल भी फिक्र मत करो यह सब सुनकर संजना बेफिक्र हो गई और वे सबरी से अगले दिन का इंतजार करने लगी उधर रोहित भी शाम को घर जाकर अपनी मां और अपनी बहन को संजना के बारे में सब कुछ बताने लगा और दोनों को शादी के लिए राशि कर लिया रोहित की मां ने कहा कोई बात नहीं बेटा अगर तुझे वह लड़की पसंद है तो हम उसके माता-पिता से तेरे लिए उसका हाथ जरूर मांगेंगे तू बेफिक्र होकर जाकर सो जा और सुबह ऑफिस से छुट्टी ले लेना हमें संजना के घर जाना है यह सुनकर रोहित बहुत खुश हुआ और जाकर अपने बॉस से अगले दिन के लिए छुट्टी मांगी और अपने कमरे में जाकर लेट गया पर उसे नींद नहीं आ रही थी इसलिए पूरी रात में जगता ही रहा सुबह होते ही वह अपनी मां और अपनी बहन को लेकर संजना के घर चला गया संजना के माता-पिता अपने-अपने काम में लगे थे रोहित को अचानक देकर वह दोनों समझ नहीं पाए कि यह दोनों कौन है लेकिन संजना बहुत खुश हो रही थी रोहित अंदर आया और सबसे पहले उसने संजना के माता-पिता के चरण छुए और आधार से उन्हें प्रणाम किया और शांत होकर खड़ा हो गया तब संजना की मां ने कहा बेटा पहले आप लोग आराम से बैठ जाओ फिर अपना परिचय बताना कि आप लोग कौन हो इस पर रोहित और उसकी मां और बहन तीनों आराम से बैठ गए तब रोहित की मां ने रोहित और संजना के रिश्ते के बारे में पूरी बात बताइए शुरू से अंत तक एक-एक बात बताई और कहा कि हमारा बेटा आपकी बेटी के लिए सभी तरह से अच्छा रहेगा अच्छा कमाता है मेरा इकलौता बेटा है मेरे बाद हमारा जो कुछ भी है सब इसी का ही है और आपकी बेटी भी बहुत संस्कारि है और हमें बहुत पसंद है जैसे अब आप दोनों की मर्जी कि आप क्या चाहते हैं फिर संजना के माता-पिता ने संजना का चेहरा देखा तो वह घबरा रही थी लेकिन संजना के पिता ने कुछ देर सोचने के बाद में कहा ठीक है हमें यह रिश्ता मंजूर है इस पर रोहित और संजना तो बहुत ज्यादा खुश थे साथ में दोनों के माता-पिता भी बहुत खुश थे अब दोनों के माता-पिता की सहमति से शादी की तैयारी शुरू हो गई सारी रसमें बहुत अच्छे से हुई लेकिन शायद संजना की किस्मत में रोहित के साथ शादी के मंडप में सात फेरे लेना नहीं लिखा था जैसे ही रोहित और संजना की शादी का शुभ दिन आया और दोनों के फेरों के लिए मंडप तैयार हो गया और उधर संजना लाल जोड़े में सजी बहुत ही सुंदर लग रही थी और बहुत खुश हो रही थी और अपनी शादी के ख्यालों में गम थी उधर रोहित भी अपने घर से अपनी मां और अपनी बहन के साथ अपनी शादी के लिए निकल चुका था वह रास्ते में जा ही रहा था तभी एक बड़े से ट्रक के साथ रोहित की गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया उसे एक्सीडेंट में रोहित की मां और बहन तो बच गई पर रोहित क्योंकि गाड़ी चला रहा था इसलिए वह बच नहीं पाया अस्पताल में रोहित को मृत्यु घोषित कर दिया गया अब तो रोहित की मां और बहन का रो रो कर बुरा हाल हो कर रहा था तभी रोहित की मां को याद आया कि आज रोहित की शादी है और उधर संजना रोहित का इंतजार कर रही है इसीलिए रोहित की मां ने अपनी बेटी से कहा कि संजना के घर फोन करो और दुर्घटना के बारे में सब कुछ बता दो जैसे ही रोहित की बहन ने संजना के घर फोन कर तो फोन संजना की मां ने उठाया और जैसे ही उन्हें सारी दुर्घटना के बारे में पता चला वह वहीं बेहोश हो गई संजना की मां को बेहोश देखकर सारे रिश्तेदार घबरा गए और भाग कर संजना की मां के पास आए और संजना की मां को होश में लाने की कोशिश करने लगे थोड़ी देर बाद संजना की मां को होश आ गया जैसे ही संजना की मां को होश आया वह जोर-जोर से रोने लगी और संजना को आवाज देने लगी संजना के पिता समझ नहीं पाए कि हो क्या गया है बहुत पूछने पर संजना की मां ने बताया कि रोहित का एक्सीडेंट हो गया है और रोहित अब इस दुनिया में नहीं है यह सुनते ही हंसी-खुशी का माहौल दुख के मातम का माहौल बन गया था और जैसे ही संजना ने यह सब सुना वह घुटनों के बल जमीन पर गिर गई और कुछ ना बोल पाई बस हैरान होकर रोए जा रही थी पर उसे अब भी विश्वास नहीं हो रहा था कि रोहित अब इस दुनिया में नहीं है जैसे तैसे रोहित के पिता ने खुद को संभाला और फिर उन्होंने संजना के सिर पर हाथ रखा और बोले की बेटा भगवान के आगे किसी की भी नहीं चलती शायद तेरी किस्मत में रोहित का अधूरा प्यार ही लिखा था रोहित की अधूरी मोहब्बत ही लिखी थी अब तुझे यह स्वीकार करना ही होगा कि रोहित अब इस दुनिया में नहीं है और रोहित के इस दुनिया में न होने से तेरा और रोहित का प्यार भी सदा सदा के लिए अधूरा रह गया इतना सुनकर संजना ने स्वीकार कर लिया कि हां पापा अब जो होना था वह हो गया अब और रोहित अब इस दुनिया में नहीं है इसलिए इस जन्म में रोहित और मेरा प्यार अधूरा रह गया हमारा मिलन नहीं हो पाया पर अगले जन्म में हम जरूर मिलेंगे मुझे पूरा विश्वास है अपने प्यार पर इस पर संजना के माता-पिता ने कहा हां बेटी हम भी प्रार्थना करेंगे कि तुम दोनों अगले जन्म में फिर से एक हो जाओ।

इसीलिए संजना घरवालों से डरने के बाद भी रोहित से बातें भी करती थी और मिलती भी थी और यह सब होते-होते 4 साल बीत चुके थे क्योंकि संजना बहुत सावधानी से रोहित से मिलने जाती थी और उससे बातें करती थी इसलिए अभी तक संजना और रोहित का प्यार संजना के घर वालों के सामने नहीं आया था लेकिन अब संजना बड़ी हो चुकी थी 22 साल की हो चुकी थी इसलिए अब संजना की मां को हमेशा संजना की शादी की फिक्र सताती रहती थी जब इस बारे में संजना के पिता को पता चला तो उन्होंने भी संजना के लिए लड़कों को ढूंढना शुरू कर दिया और एक लड़का ढूंढ भी लिया इसके बारे में उन्होंने संजना को बताया तो संजना ने पढ़ाई का बहाना करके बात को टाल दिया उसके पिताजी को भी लगा कि हमारी बेटी बहुत नेक है अगर वह अभी पढ़ना चाहती है शादी नहीं करना चाहती है तो कोई बात नहीं शादी तो बाद में भी हो जाएगी अभी वह सिर्फ पढ़ाई ही करें तो बेहतर है लेकिन इधर संजना की चिंता बढ़ गई उसने रोहित को बताया कि अब तो उसके घर में उसके लिए रिश्ते भी आने लगे हैं कि अब तो तुम्हें मेरे घर वालों से बात कर लेनी चाहिए इस पर रोहित ने कहा बस इस साल और इंतजार कर लो क्योंकि यह साल मेरे पढ़ाई का आखिरी साल है इसके बाद मेरी एक बड़ी कंपनी में नौकरी लग जाएगी इसके बाद में तुम्हारे पिताजी के पास जाकर बिना किसी जीजा के तुम्हारी और मेरी शादी की बात कर पाऊंगा और तब मैं अकेला नहीं जाऊंगा मेरी मां और मेरी बहन भी मेरे साथ आएंगे तो इसलिए तुम बेफिक्र हो और अभी अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो संजना ने कहा ठीक है इतनी साल तुम्हारा इंतजार किया है तो 1 साल और सही इंतजार कर लूंगी और जब तक तुम मेरे घर रिश्ता लेकर नहीं आते तब तक में घर वालों के लिए किसी भी रिश्ते के लिए राजी नहीं होगी अब धीरे-धीरे करके संजना और रोहित का प्यार और गहरा होता चला गया अब वह दोनों एक दूसरे के लिए समय निकालकर पूरा-पूरा दिन एक दूसरे के साथ रहते थे और एक दूसरे के साथ बहुत प्यार भरा समय बिताया करते थे क्योंकि दोनों को यकीन था कि आगे चलकर वह एक दूसरे से जरूर शादी करेंगे।

 अगले दिन संजना कॉलेज जा रही थी तभी रास्ते में रोहित दिख गया आपकी बार रोहित संजना के पास आया और बोला की संजना तुमने जिस बात को खाने के लिए मेरे पास दो बार कॉल करी थी उसे बात को तो तुमने कहा ही नहीं और कितना समय लगी कहने के लिए आप का भी दो कि तुम्हें भी मुझसे प्यार है इस बार संजना ने कह दिया कि हां मुझे भी तुमसे प्यार है पर अगर तुमने मुझे प्यार में धोखा दिया या मेरे से शादी नहीं की तो मैं आत्महत्या कर लूंगी और यह कोई मजाक नहीं है मैं सच में ऐसा कर लूंगी इस पर रोहित ने कहा ऐसा क्यों सोचती हो क्या मुझ पर विश्वास नहीं है मैं तुमसे प्यार किया है मैं अभी से ही अपने पूरे परिवार की जिम्मेदारी अच्छे से निभा रहा हूं तो क्या मैं तुम्हारी जिम्मेदारी नहीं निभा सकता जरूर निभा सकता हूं मुझ पर भरोसा रखो अभी मैं इतना कामयाब नहीं हूं कि तुमसे शादी कर सकूं और अभी तुम्हें भी अपनी जिंदगी में बहुत कुछ करना है इसलिए अभी बात प्यार तक ही ठीक है जब शादी का वक्त आएगा तब शादी भी में तुमसे ही करूंगा रोहित ने कहा ठीक है अब मुझे जाना है अगर तुम्हें कभी भी बात करने का मन करे तो तुम मेरे नंबर पर कॉल कर देना और मुझसे बात कर लेना संजना ने कहा ठीक है अब संजना रोज समय से कॉलेज जाती पढ़ती लिखती और घर थोड़ा देर से आई थी क्योंकि कॉलेज से आते वक्त वह रोज रोहित से बात करती थी एक दिन संजना की मां ने संजना से बोला कि संजना तुम कुछ दिनों से कॉलेज से वापस घर थोड़ा देर से आ रही हो बता सकती हो कि ऐसा करने की वजह क्या है इस पर संजना बहुत डर गई और उसके दिमाग में कुछ भी ना आया तो उसने कह दिया कि मां में रोज अपनी सहेलियों के साथ थोड़ा घूमते-फिरते घर आता हूं इसीलिए मुझे देर हो जाती है इस पर संजना की मां ने कहा तो कोई बात नहीं है बस तुम किसी गलत चक्कर में मत पड़ जाना हमें इसी बात का डर दिन रात सताता रहता है पर हमें तुम पर भी पूरा विश्वास है कि तुम ऐसा कुछ भी नहीं करोगी अब संजना बहुत ज्यादा परेशानी में फस गई थी एक तरफ वह अपनी मां का विश्वास तोड़ना नहीं चाहती थी लेकिन न चाहते हुए भी वह रोहित से बात करती थी और उससे मिलती भी थी अब उसे डर था कि जिस दिन घर में किसी को भी इस बारे में पता चलेगा तो न जाने क्या होगा लेकिन धीरे-धीरे उसका विश्वास रोहित पर भी मजबूत हो गया था की रोहित भी उसको कभी भी अकेला नहीं छोड़ेगा अगर किसी दिन घर वालों को पता चल भी जाता है तो रोहित खुद आकर घर वालों से बात करेगा ऐसा संजना को विश्वास था।

धन्यवाद।

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